Friday, 11 January 2019

मोटर वाहन अधिनियम १९८८ और मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) २०१७ की जानकारी


वाहन का उपयोग अंग्रेज़ो के भारत पर प्राकर्म करने से पहले से होता आया है। जैसे-जैसे वाहन बढ़ते जा रहे है उनका संचालन करना भी उतना ही आवश्यक है। मोटर वाहन अधिनियम सम्पूर्ण भारत पर लागू होता है। भारत सरकार वक़्त दर वक़्त अधिनियम का संशोधन करती रही है। पहला मोटर वाहन अधिनियम १९१४ में हुआ था। फिर उसका संशोधन १९३९ में हुआ और फिर १९९८ में हुआ।  मोटर वाहन अधिनियम १९८८ मोटर वाहन का पंजीकरण, चालाक/ कंडक्टर के लाइसेंस, मोटर व्हीकल पर रोक लगाने की अनुमति , आदि के कानूनी प्रावधान दिए हुए है। 
भारत में हर साल सड़क दुर्घटना से लोगो की मौत बढ़ती ही जा रही है और इसके लिए सरकार ने बदलाव लाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) २०१७ निकाला है। 
  • इन संशोधन को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किया गया।इन संशोधनों में सबसे बड़ा एक संशोधन 'हिट एंड रन' के मामले में किया गया है।  जहाँ 'हिट एंड रन' के मामलो में मुआवज़ा २५००० रुपये था, उसे अब बढ़ा कर लाख रुपये  कर दिया गया है।  
  • अब लोगो द्वारा सड़क नियम का उल्लंघन किये जाने का जुर्माना बढ़ा दिया गया है ताकि वे नियम को महत्व दे और उनका पालन करे। 
  • अगर नाबालिक बच्चा वाहन चलता है तो उस गाड़ी के मालिक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और अगर नाबालिक कोई सड़क दुर्घटना करता है तो उसके माता-पिता को २५००० रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा और तीन साल की सजा हो सकती है  
  • स्कूटर चलाते वक़्त हेलमेट ना लगाने पर १००० रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा और तीन महीने तक लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान बनाया गया है। 
  • सीट बेल्ट ना लगाने पर १००० रुपये का जुर्माना लगेगा। पुराने अधिनियम के तहत सीट बेल्ट ना लगाने पर १०० रुपये का जुर्माना लगता था लेकिन अब उसे बढ़ा दिया गया है। 
  • वाहनों का पंजीकरण और चालक को लाइसेंस बनवाने के लिए अब आधार कार्ड अनिवार्य है।
  • वाहन चलाते वक़्त मोबाइल पर बात करने पर पहले १००० का जुर्माना लगता था लेकिन अब उसे बढ़ा कर ५००० रुपये कर दिया गया है। 
  • इस संशोधन के अनुसार आपातकालीन वाहनों को अगर जाने की जगह ना दी गयी तो १०,००० रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। 
  • संशोधन से पहले लइसेंस ना होने पर ५०० रुपये की राशि देनी होती थी। लाइसेंस ना होने पर अब ५००० रुपये का जुर्माना लिया जाएगा और सड़क नियमो का उलघन करने पर ५०० रुपये  का जुर्माना लिया जायेगा। 
  • नशे में वाहन चलाने पर अब जुर्माना २००० रुपये से ५००० रुपये  कर दिया गया है। 
  • तेज गति पर वाहन चलाने पर ४०० रुपये का जुर्माना बढ़ा कर अब १०००-२००० रुपये कर दिया है। 
लोकसभा ने इस मोटर वाहन संशोधन २०१७ बिल को पारित कर दिया है और राज्यसभा में इस बिल को पारित करने भेजा गया है जिसे राजयसभा ने रोका हुआ है और जैसे ही यह बिल पारित होगा सड़क वाहन व्यवस्था में बदलाव आएगा। भारत में आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ही मोटर वाहन
अधिनियम का संशोधन किया गया है। इस संशोधन के ज़रिये ना केवल जुर्माना राशि में वृद्धि होगी बल्कि यह लोगो को नियमो का पालन करने में मददगार साबित होगा।